कृपालुजी महाराज के अनुसार मानव जीवन का असली लक्ष्य क्या है
मानव जीवन अनमोल है। यह केवल शारीरिक अस्तित्व या सांसारिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है। जगद्गुरु कृपालु महाराज ने अपने उपदेशों में बार-बार इस तथ्य पर प्रकाश डाला कि मनुष्य जीवन का उद्देश्य केवल सुख-सुविधाओं का भोग या प्रसिद्धि प्राप्त करना नहीं, बल्कि आत्मा की वास्तविक पहचान करके ईश्वर प्रेम की प्राप्ति करना है। कृपालुजी महाराज के अनुसार, जब तक मनुष्य अपने जीवन की दिशा केवल भौतिक उपलब्धियों की ओर रखता है, तब तक वह अधूरा रहता है। असली सुख और शांति का अनुभव तभी संभव है, जब व्यक्ति अपने भीतर छिपे दिव्य तत्व को पहचान कर उसे ईश्वर के चरणों में समर्पित कर दे। उन्होंने कहा था कि मनुष्य शरीर केवल कर्म करने का साधन है, पर आत्मा का असली लक्ष्य परमात्मा से मिलन है। आत्मा और ईश्वर का संबंध उनकी शिक्षाओं में आत्मा को परमात्मा का अंश बताया गया है। जैसे सागर की एक बूँद सागर से अलग नहीं, वैसे ही आत्मा भी ईश्वर से अलग नहीं है। लेकिन अज्ञानवश हम खुद को शरीर, नाम और पहचान तक सीमित कर लेते हैं। जब मनुष्य इस भ्रम से मुक्त होता है और ईश्वर को अपना मान लेता है, तभी जीवन सफल होता है। कृपालु महाराज के प्रवचन ज...