पढ़ाई में संतुलन लाने के लिए कर्मयोग को अपनाना कृपालु जी महाराज की शिक्षा के अनुसार

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पढ़ाई का दबाव छात्रों को अक्सर तनावग्रस्त कर देता है, लेकिन जगद्गुरु कृपालु महाराज की कर्मयोग शिक्षा इसे संतुलित बनाने का सरल मार्ग दिखाती है। कर्मयोग का अर्थ है सांसारिक कर्तव्यों का नि:स्वार्थ पालन करते हुए मन को भगवान में लगाना मन यार में, तन कार में। उनका जीवन परिचय बताता है कि वे एक साधारण बालक से भक्ति के महासागर बने, जिन्होंने गीता के सिद्धांतों को सरल बनाया। कृपालु महाराज के प्रवचन कर्मयोग को भक्ति का व्यावहारिक रूप बताते हैं, जहां पढ़ाई को ईश्वर की सेवा मानकर बोझ हल्का होता है। छात्र यदि प्रयासों को राधा कृष्ण को अर्पित करें, तो एकाग्रता बढ़ती है और थकान कम। अनुयायी साझा करते हैं कि यह शिक्षा परीक्षा की चिंता से मुक्ति देती है। कर्मयोग का मूल सिद्धांत जगद्गुरु कृपालु महाराज ने सिखाया कि कर्मयोग में आसक्ति रहित कर्म ही संतुलन लाता है पढ़ाई करते हुए मन भगवान के स्वरूप पर टिका रहे। रूपध्यान मेडिटेशन से शुरू करें: अध्ययन सत्र के बीच भगवान का दिव्य रूप चिंतन करें, जो मन को शांत रखता है। कृपालु महाराज के भजन इस अभ्यास को मधुर बनाते हैं, सुनते ही प्रेरणा जागृत हो जाती है। प्रवचनों ...

जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज शांति की राह: ध्यान की सबसे सरल और असरदार विधि

 आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में मानसिक शांति एक अनमोल खज़ाना बन चुकी है। ध्यान (मेडिटेशन) ही वह साधन है जो हमें इस भागदौड़ से निकालकर अंदरूनी शांति की ओर ले जाता है। जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज से जानें एक ऐसी ध्यान विधि के बारे में जो न केवल आसान है, बल्कि बेहद प्रभावशाली भी है।

साँस पर ध्यान केंद्रित करना (Breath Awareness)

यह ध्यान की सबसे पुरानी और सरल तकनीकों में से एक है। इसमें किसी मंत्र, विशेष मुद्रा या कठिन प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं होती। केवल अपनी साँसों पर ध्यान देना होता है।

ध्यान करने की विधि:
  1. सबसे पहले एक शांत और आरामदायक स्थान चुनें।

  2. सीधे बैठ जाएँ और अपनी आँखें बंद करें।

  3. अब अपनी साँसों के आने और जाने पर ध्यान दें।

  4. यदि ध्यान भटक जाए, तो धीरे-धीरे उसे फिर से साँसों की ओर ले आएँ।

  5. शुरुआत में 5 से 10 मिनट तक करें, फिर धीरे-धीरे समय बढ़ा सकते हैं।

यह विधि क्यों असरदार है?

  • यह मन को तुरंत शांत करती है।

  • तनाव, घबराहट और चिंता को कम करती है।

  • मन की एकाग्रता बढ़ाती है।

  • अच्छी नींद लाने में मदद करती है।

नियमित अभ्यास के लाभ:

अगर आप रोज़ाना सिर्फ 10 मिनट भी यह ध्यान करें, तो इससे मानसिक ऊर्जा बढ़ती है, सोच स्पष्ट होती है और जीवन में सकारात्मकता आती है।

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