Posts

Showing posts from June, 2025

कृपालुजी महाराज की शिक्षा से पढ़ाई में सफलता के लिए क्या करें

Image
हर विद्यार्थी के जीवन में सफलता पाने की सबसे बड़ी चाह होती है, लेकिन अधिकतर लोग यह नहीं समझ पाते कि वास्तविक सफलता केवल मेहनत या बुद्धिमत्ता से नहीं, बल्कि सही दृष्टिकोण और मन की एकाग्रता से आती है। जगद्गुरु कृपालु महाराज की शिक्षाएँ विद्यार्थियों के लिए गहरी प्रेरणा प्रदान करती हैं, क्योंकि वे जीवन के हर क्षेत्र में आध्यात्मिकता और कर्म का संतुलन समझाते हैं। मन की स्थिरता और एकाग्रता का अभ्यास कृपालुजी महाराज कहते थे कि जब तक मन स्थिर नहीं होगा, तब तक विद्या का सच्चा लाभ नहीं मिल सकता। विद्यार्थी को सबसे पहले अपने मन को नियंत्रित करने की साधना करनी चाहिए। इसके लिए प्रतिदिन कुछ समय ध्यान, प्रार्थना या ईश्वर-स्मरण में बिताना अत्यंत लाभदायक होता है। इससे एकाग्रता बढ़ती है और पढ़ाई के प्रति लगाव भी स्वाभाविक रूप से बढ़ता है। मेहनत के साथ संयम और श्रद्धा कृपालु महाराज के प्रवचनों में बार-बार यह संदेश मिलता है कि बिना श्रद्धा और संयम के कोई लक्ष्य प्राप्त नहीं हो सकता। जब विद्यार्थी अपने अध्ययन के प्रति श्रद्धा रखता है और अपने मन को अनुशासित रखता है, तो उसका प्रयत्न स्वाभाविक रूप से सफल हो...

प्रेम मंदिर की यात्रा – एक 12 साल के बच्चे की नजर से(जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज)

Image
  ठंडी की छुट्टियाँ शुरू होते ही मैं बहुत खुश था। अब पूरे दो हफ़्तों के लिए ना स्कूल जाना था, ना होमवर्क करना था। मुझे लगा पापा हमको इस बार पहाड़ों पर बर्फबारी दिखाने लेकर जाएंगे, लेकिन जब पापा ने बताया कि हम वृंदावन के प्रेम मंदिर जा रहे हैं, तो मेरी एक्साइटमेंट थोड़ी कम हो गई। मुझे लगा मंदिर में तो बस पूजा-पाठ होता है, मैं वहां जाकर क्या करूंगा! मैंने जब इसके बारे में मम्मी से बोला तो उन्होनें यह कहकर टाल दिया, "एक बार चलो तो, फिर देखना!" हम सुबह तैयार होकर दिल्ली से अपनी कार से ही वृन्दावन के लिए निकले। पापा कार चला रहे थे, मम्मी और मेरी बहन पीछे वाली सीट पर थी, और मैं आगे पापा के बगल में बैठ गया। रास्ते में मैं खिड़की से बाहर देखता रहा और सोचता रहा कि पता नहीं ये ट्रिप कैसी होने वाली है। पापा रास्ते में बता रहे थे कि प्रेम मंदिर   जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज  ने बनवाया है और यह राधा-कृष्ण जी और सीता-राम जी का मंदिर है।